बच्चों के लक्ष्य निर्धारण में शिक्षकों की अहम भूमिका *डॉ.रामविलास भारती

घोसी-मऊ। बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, जनपद मऊ की कक्षा 8 तक की परीक्षाएं आज समाप्त हो गई हैं। परीक्षा के अन्तिम दिवस में ब्लाक घोसी अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली के बच्चों में काफी उत्साह दिखा। कुछ बच्चों में विद्यालय छोड़ने का मलाल तो कुछ बच्चों में अगली कक्षा में जाने की खुशी मानो उन्हे रोमांचित कर रही थी। बच्चों एवं शिक्षकों के इस विद्यालयी परिवार में एक दूसरे के प्रति नई उम्मीदें और नए सपने सजोए 31 मार्च के रिजल्ट के इंतजार में भविष्य निर्माण तरासने में लगे हैं। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ.रामविलास भारती ने कहा कि परीक्षा बच्चों में सीखने, सिखाने, ज्ञान, समझ और कौशल का मूल्यांकन है। डॉ. भारती ने कहा कि शिक्षक ही बच्चों को उनके सपने अर्थात लक्ष्य दिखा सकते हैं और उसे पूरा करने में मदद भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में उनकी रुचि के अनुसार ही उनके लक्ष्य का निर्धारण कराकर उसे प्राप्त कराने के लिए अनवरत प्रयास हेतु प्रेरित करना चाहिए। बच्चों में सकारात्मक रुचि पैदा करना भी ज्यादातर शिक्षकों की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर डॉ.रामविलास भारती, कमलेश राय, ललित राहुल उपस्थित रहे। तो वहीं घोसी ब्लाक के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय नदवल में परीक्षा के उपरांत प्रभारी प्रधानाध्यापक दयाशंकर के निर्देशन में बच्चों ने स्व निर्मित टी.एल.एम. का प्रदर्शन खण्ड शिक्षा अधिकारी घोसी बलिराम के समक्ष प्रस्तुत किया। खण्ड शिक्षा अधिकारी बलिराम ने बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों में स्वयं करके सीखने की प्रक्रिया विकसित करनी होगी। तथा उनके सर्वांगीण विकास पर बल देना होगा।इस अवसर पर दयाशंकर यादव, पूनम राय, मधुलिका राय, अर्चना सिंह, दीनानाथ यादव उपस्थित रहे।

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