किनवार कीर्ति स्तंभ सरमाडीह में धूमधाम से मनाया गया स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मज्यंती ।

किनवार कीर्ति स्तंभ सरमाडीह में धूमधाम से मनाया गया स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मज्यंती ।

भावरकोल।

स्वामी सहजानंद सरस्वती की जन्मजयंती का कार्यक्रम किंनवार
कीर्ति स्तंभ सरमाडीह गाज़ीपुर में पुरी भव्यता से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ब्रह्मर्षि गौरव श्री रामजी राय (नारायणपुर, कानपुर वाले) ने स्वामी सहजानंद सरस्वती को जननायक, किसानों का मसीहा व अप्रतिम स्वतंत्रता सैनानी बताया। वरिष्ठ भाजपा नेता, प्रखर व ओजस्वी वक्ता, पूर्व प्रधानाचार्य विजयशंकर राय ने स्वामी जी के जीवन मूल्यों को वर्तमान परिवेश में अंगीकृत कर के पारिवारिक व्यवस्थाओं, मान्यताओं व आस्थाओं को सुदृढ़ करने का अनुरोध युवा पीढ़ी से किया। प्राचार्य व उद्भट विद्वान प्रोफेसर डॉक्टर मांधाता राय ने ब्रम्हार्षी कुल के इतिहास को महाभारत काल से लेकर अबतक विस्तार से बताया। उन्होने स्वामी जी को गरीबों, दलितों, वंचितों, शोषितों, पीड़ितों का मसीहा बताया व ब्रम्हर्षि कुल का उद्धारक बताया। ब्रम्हार्ष कुल के उद्भट विद्वान एडवोकेट शेषनाथ राय ने वर्तमान सामाजिक, राजनैतिक व आर्थिक परिस्थितियों स्वामी जी के दिखाए गए मार्ग पर चल कर समाज को मजबूत होने का संदेश दिया। उन्होने स्पष्ट शब्दो में आज की पीढ़ी को राजनीति में सफलता के लिए ठोस कदम उठाने का अनुरोध किया। आखिल भारतीय ब्रम्हार्षी महासंघ के राष्ट्रिय मीडिया प्रभारी डा के एन राय कमलेश ने कहा कि स्वामी जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। अध्यात्म, साहित्य व राजनीति के प्रखर विद्वान थे। उनके अंदर भगवान शिव की दया और भगवान परशुराम का तेज और ओज समाहित था। किनवार वंश के अध्यक्ष संतोष राय ने स्वामी जी के साहितिक व आध्यात्मिक पहलुओं पर विषद रूप से चर्चा किया। डा राजेंद्र राय ने कहा कि स्वामी जी का उस कालखंड में स्पष्ट कथन था कि जो अन्न उपजाएगा वही कानून बनाएगा और भारतवर्ष का शासन भी वही चलाएगा। वरिष्ट समाजसेवी विनय राय ने कहा की सर्वप्रथम विश्व में समतामूलक समाज की कल्पना स्वामी सहजानंद ने ही की थी जो मार्क्स के समाजवाद में पूरी तरह परिलछित होता है। जिला पञ्चायत सदस्य प्रतिनिधि दुर्गा राय ने कहा कि स्वामी जी ने गीता पर कर्म प्रधान का प्रतिपादन किया व अध्यात्म के चरम बिंदु को उद्वेलित किया। वरिष्ट समाजदेवी कमलेश शर्मा जी ने स्वामी जी को अलौकिक प्रतिभा का धनी बताया। इसके पूर्व समाज के महत्त्वपूर्ण सदस्य व आज़ाद पत्र हिंदी दैनिक के प्रबंध संपादक के एन राय कमलेश को पीएचडी की मानद उपाधि प्राप्त होने पर हर्ष व्यक्त किया गया व अंगवस्त्र व स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्राम का सफल संचालन वरिष्ट भाजपा नेता विनोद राय द्वारा स्वामी जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए संचालित किया गया। कार्यक्रम को मदनगोपाल राय, बेनिमाध्व राय, जयानंद राय, सूर्यभान राय, अखिलेश्वर राय, राजकिशोर राय, राधेश्याम राय, रामभवन राय, पारसनाथ राय फौजी, इंद्रासन राय, विमलेश राय आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर हर हर महादेव, भारत माता की जय, स्वामी सहजानंद सरस्वती अमर रहे, बाबा त्रिलोचन दीक्षित अमर रहें, राजा मुलहन दीक्षित अमर रहें के नारों से राष्ट्रभक्ति की बयार हिलोरें ले रही थी।

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