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    पावरलूम की कमाई से गीता के परिवार में छाई खुशियां, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मिला सम्मान

    अभिषेक त्रिपाठी/वाराणसी

    मिर्जामुराद। मिशन शक्ति के फेज 3 के शुभारंभ अवसर पर शनिवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर गीता देवी का मन खुशी से झूम उठा।पावरलूम की कमाई पर ही आश्रित होकर जीविकोपार्जन करने वाला परिवार बहु की उपलब्धि पर काफी गौरवान्वित हो उठा हैं। स्वंय सहायता समूह की सखियां भी प्रसन्न चित्त हो उठी हैं।मुख्यमंत्री के हाथ से सम्मान पत्र के साथ ही एक मोबाइल, शाल व एक पैकेट मिला हैं।
    आराजीलाइन ब्लाक अंतर्गत पड़ने वाले मिर्जामुराद के बेनीपुर (महेश पट्टी) गांव निवासी फुरसत प्रसाद के तीन पुत्रो में ज्येष्ठ पुत्र रविशंकर की शादी करीब नौ वर्ष पूर्व मिर्जापुर जिले के कछवां थानांतर्गत अनन्तपुर (तुलापुर) गांव निवासिनी इंटर तक की पढ़ाई करने वाली गीता देवी संग हुई।शादी के बाद एक पुत्र निखिल व पुत्री संध्या हुई।पति रविशंकर सूरत (गुजरात) में रहकर पावरलूम से जुड़कर साड़ी का काम करता रहा।पांच वर्ष तक काम करने के बाद गांव आ गए।इस बीच समूह के सदस्यों की प्रेरणा से वर्ष 2016 में गीता देवी समूह से जुड़ संतोषी मां स्वंय सहायता समूह की सचिव बन गई।समूह में दस महिलाएं जुड़ी।समूह के माध्यम से ढाई लाख रुपए का ऋण लेकर दो मंजिला पक्के मकान के प्रथम तल पर तीन कमरों में पावरलूम लगा साड़ी बनाने के काम की शुरुआत की।पति व परिवार के सास-ससुर समेत दो देवरो का काम में भरपूर सहयोग मिला।शुरुआती दौर में साड़ी का काफी अच्छा व्यापार हुआ पर कोरोना के लाक डाउन में धंधा डाउन हो गया।इस समय रोजगार में थोड़ी परेशानी हैं।गत 30 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री ने गीता से बातचीत की थी।

    गीता के ससुर हैं पावरलूम के मास्टर

    गीता देवी के ससुर फुरसत प्रसाद पहले सूरत में ही रहकर पावरलूम में खराबी आने पर उसे बनाने का काम करते रहे।काम में महारत हासिल होने के कारण उन्हें ‘मास्टर’ कहा जाता हैं।अब वे गांव में रहकर बहु द्वारा स्थापित पावरलूम को चलाने में सहयोग दे रहे हैं।मास्टर ने बताया कि इस समय साड़ी का धंधा मंदी के दौर से गुजर रहा हैं।मेरे गांव में पावरलूम का हब हैं।

    खुशी मिली इतनी की मन

    मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलने पर गीता काफी खुश हैं।मोबाइल पर हुई बातचीत में उसने अपनी खुशी का इजहार किया।इस कदम से महिलाएं स्वावलंबी बन आत्मनिर्भर बनेंगी।रक्षाबंधन पर्व की पूर्व संध्या पर सरकार ने आधी आबादी का सम्मान बढ़ाया हैं।

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