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    गलगोटिया यूनिवर्सिटी कैंपस में अनहद फिल्म फेस्टिवल 2021 का हुआ आयोजन

    • गलगोटिया विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग के’अनहद फिल्मोत्सव’ में देश-विदेश के युवा फिल्मकारों ने लिया हिस्सा  
    • गलगोटिया विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग का दो दिवसीय ‘अनहद’ फिल्म फेस्टिवल के पहले संस्करण का भव्य आयोजन

    गौतमबुद्ध नगर। गलगोटिया विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित फिल्म फेस्टिवल ‘अनहद’ के प्रथम संस्करण में देशभर के विभिन्न संस्थानों के 1000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपनी 100 से ज्यादा फिल्मों के साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से भाग लिया। अभिनय, फोटोग्राफी तकनीक, निर्देशन सहित विभिन्न फ़िल्मी विधाओं में कलाकारों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। जनसंचार विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वधान में आयोजित बौद्धिक और रचनात्मक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय “अनहद फिल्मोत्सव’ में पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो संजय द्विवेदी, अध्यक्ष के रूप में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो प्रीति बजाज और कई विभागों के डीन शामिल हुए। फिल्मोत्सव की शुरुआत अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्वलित और विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना के साथ किया गया।

    फिल्मोत्सव के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में पत्रकार, शिक्षाविद और मानवधिकार कार्यकर्त्ता प्रसून शुक्ला ने प्रतिभागियों को पटकथा लेखन के बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति के साथ भारतीय वैचारिकी को महत्त्व देने की बात कही, जिसमें उन्होंने विभिन्न विचारधाराओं के आधार पर फिल्म देखने की प्रवृति विकसित करने की सलाह दी ताकि फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक अलग विजन विकसित किया जा सके।

    इस फिल्मोत्सव’ में कई देश-विदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के युवा निर्देशकों और कलाकारों द्वारा तैयार की गई शार्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। जिसमें शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन की फिल्म ‘कैप्चर्ड’ को प्रथम स्थान मिला, एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन की फिल्म ‘कैप्चर्ड’, एसजीटी यूनिवर्सिटी की फिल्म ‘अ ट्रिब्यूट’ को द्वितीय स्थान और दयाल सिंह कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की फिल्म ‘स्पिल्लेड’  को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। फिल्मों का चयन देश के ख्यातिनाम फिल्म निर्देशकों के जूरी जिसमें फ़िल्मकार, लेखक और समाजसेवी मेघनाथ और सुशील शर्मा द्वारा किया गया।

    इस सृजनात्मक और रचनात्मकता फिल्मोत्सव के सफल आयोजन के लिए कुलपति प्रो प्रीति बजाज ने फिल्मोत्सव आयोजनकर्ता टीम और जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो ए राम पांडेय को बधाई दी। प्रोग्राम चेयर प्रो हरीश कुमार ने फ़िल्में समाज को किसी तरह प्रभावित करता है इस विषय पर प्रकाश डाला। अच्छी फिल्मों का निर्माण कैसे हो और जनसंचार विभाग इस दिशा में किस तरह कार्य कर रहा है, इसकी रुपरेखा प्रस्तुत की।

    इस फिल्मोत्सव आयोजन समिति के आयोजनकर्ता सदस्य और जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो ए राम पाण्डेय ने बताया कि “अनहद” बीयॉन्ड दा लिमिट, का मतलब ही है अलौकिक रचनात्मकता। इस आयोजन के मुख्य उद्देश्य रचनात्मक और समाज को शिक्षित करने वाली फिल्मों से युवा रचनाकारों को रूबरू कराना है। ताकि भविष्य में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भविष्य को वर्त्तमान से जोड़ कर समाज को जागरूक और शिक्षित कर सके।  प्रो ए राम पाण्डेय ने बताया कि फिल्मोत्सव के दूसरें  संस्करण को और भी भव्य और रचनात्मक बनाने का प्रयास किया जाएगा, गलगोटिया विश्वविद्यालय का जनसंचार विभाग सृजनात्मक कार्य, अच्छी सामजिक फ़िल्में के निर्माण और रचनात्मक ऑडियो-वीडियो प्रोडक्शन के लिए  निरंतर कार्य करता रहेगा।

    फिल्म फेस्टिवल के सफल आयोजन के लिए संयोजिका सुश्री सुरुचि अग्रवाल ने सभी अतिथियों, गलगोटिया विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों के अधिष्ठाताओं और विभाग के प्राध्यापकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस फिल्म फेस्टिवल के भव्य आयोजन में डॉ. हरीश कुमार, डॉ ताशा सिंह परिहार, डॉ भवानी शंकर, डॉ निक्की और डॉ. शिवेन्दु राय के अलावा जनसंचार विभाग के  सभी छात्रों ने अहम भूमिका निभाई।

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