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    HomeUncategorizedकायाकल्प योजना में साहब के चहेते ग्रामप्रधानों व ठेकेदारों का हुआ कायाकल्प

    कायाकल्प योजना में साहब के चहेते ग्रामप्रधानों व ठेकेदारों का हुआ कायाकल्प

    कायाकल्प योजना के तहत कई स्कूलों में लगाई गयी घटिया सामग्री

    तारकेश्वर सिंह
    चंदौली। जनपद के कई विभागों के अधिकारी सरकार की योजनाओं में पलीता लगाने में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे है। इन अधिकारियों व इनके चहेतों को इससे कुछ लेना देना नहीं है कि यह योजना गरीबों से संबंधित है या बच्चों से। उन्हें सिर्फ कमीशनखोरी से मतलब है। यह लोग कमीशन के चक्कर में सामानों की गुणवत्ता से समझौता करने में नहीं हिचकते। बताते चले कि इन दिनों सरकार ने जनपद में कायाकल्प योजना के तहत प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए काफी पैसा खर्च किया। ताकि इन स्कूलों की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके। लेकिन कमीशनखोर अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस योजना का बंटाधार करने में कोई कसर बाकी नहीं रखा है। काम कराने वाले ठेकेदारों से काम होने के पहले ही एडवांस में कमीशन लेकर कायाकल्प योजना की देखरेख करने वाले अधिकारी मानकों को भी दरनिकार कर दे रहे हैं।चाहे वह विद्यालयों में साफ सफाई या उनके मरम्मत की व्यवस्था हो या फिर स्कूलों की कक्षाओं में लगने वाले बेंच व टेबुल की आपूर्ति का सवाल हो। हर काम में 20 से लेकर 50 प्रतिशत पैसा कमीशन में चला। अधिकारियों की शह पर अधिक कमीशन देकर काम लेने ठेकेदारों ने भी घटिया क्वालिटी के सामानों की आपूर्ति कर दी है।यही नहीं इन बेंचों को स्कूलों में व्यवस्थित ढ़ग से लगाया भी नहीं गया है।ऐसी चर्चा है कि ग्राम पंचायत को कायाकल्प योजना के तहत भारी-भरकम धनराशि दी गई थी। इसके क्रियान्वयन के लिये ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक के तमाम अधिकारियों को मानिटरिंग के लिए लगाया गया था,ताकि कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों का वास्तविक कायाकल्प हो सके। लेकिन इन अधिकारियों के चहेते ग्राम प्रधानों व ठेकेदारों ने अपने स्तर से कुछ ऐसी व्यवस्था की है कि ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारी भी व्यवस्थित हो गए।इन विद्यालयो का कायाकल्प भले ही नहीं हुआ लेकिन इन ग्रामप्रधानों, ठेकेदारों व अधिकारियों का कायाकल्प जरूर शुरू हो गया। बताते चले कि चंदौली जनपद के सकलडीहा और बरहनी ब्लाक के कई गांवों में मानक के विपरीत मेज और टेबुल की सप्लाई की गई है। शासनादेश के मुताबिक विद्यालयों में सागौन की लकड़ी के बेंच और टेबल लगाने के लिए 55 सौ रुपये की धनराशि सुनिश्चित की गई थी।लेकिन कमीशनखोरी के लिए चर्चित इस विभाग में एडवांस भुगतान करके घटिया क्वालिटी के टेबल और बेंच लगा दिए गए। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि स्कूलों में आने वाले बेंचों व टेबल को जमीन में नट बोल्ट लगा कर सेट किया जाना था। लेकिन इसकी सप्लाई करने वाले ठेकेदारों ने अधिकारियों को कमीशन देने के बाद घटिया सामानों को स्कूलों में भेजवा तो दिया लेकिन इनको जमीन में फिक्स करने का कोई उपाय नहीं किया गया। मिली जानकारी के अनुसार चंदौली जिले के एवती, मानिकपुर, फुटियां, बिछियां, सोहदवार, सलेमपुर, नरहन कला जैसे तमाम गांवों में कायाकल्प योजना के तहत भारी-भरकम धनराशि खर्च की गई है। कहीं पर दो लाख तो कहीं पर 4 लाख भी खर्च किए गए हैं।लेकिन वहां की स्थिति जस की तस है।इस मामले पर मुगलसराय की विधायक साधना सिंह ने भी कहा है कि सरकार की योजनाओं में जो भी अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं।उनकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी।

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