Sunday, December 3, 2023
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गाज़ीपुर :आध्यात्मिकता एवं भारतीयता बिशप पैट्रिक डिसूज़ा की आत्मा में रची बसी थी – फादर पी विक्टर

विद्यालय के संस्थापक को पुण्यतिथि पर याद किया गया

बाराचवर-सेंट जॉन्स स्कूल,सिद्दीकपुर, जौनपुर में विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय बिशप फादर पैट्रिक पॉल डिसूज़ा की पुण्यतिथि के अवसर पर विद्यालय में प्रार्थना सभा का आयोजन हुआ।विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर एवं अध्यापक-अध्यापिकाओं ने स्वर्गीय बिशप के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।बिशप पैट्रिक का जन्म 28 अगस्त 1928 में मंगलुरू में एक धार्मिक परिवार में हुआ था। 20 दिसंबर 1953 में पुरोहिताभिषेक हुआ और 5 जून 1970 को वाराणसी धर्म प्रान्त के पहले धर्माचार्य के रूप में अभिषेक हुआ।16 अक्टूबर 2014 को असार संसार से विदा लेकर प्रभु के पास चले गए।
कक्षा 6 ब के आयुष ने प्रार्थना-सभा में प्रार्थना का नेतृत्व किया।अथर्व ने बिशप पैट्रिक के जीवन-वृत्त पर प्रकाश डाला।सक्षम ने कविता पाठ किया।दिव्यं ने सूक्ति वचन एवं आदित्य ने सुविचार प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय बिशप बहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे।उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है।आध्यात्मिकता एवं भारतीयता उनके हृदय में रची बसी थी।उन्होंने चर्च में भारतीय परंपरा एवं भारतीय भाषाओं में प्रार्थना की शुरुआत कराया।बिशप ने अज्ञान के अंधकार को दूर करने के लिए 40 से अधिक विद्यालयों की स्थापना की।जन सेवा के लिए आपने दो नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्पिटल भी खोले।मूक बधिर बच्चों एवं गरीब बच्चों के लिए अगल से विद्यालय की स्थापना किया।बिशप की सौम्यता, कर्मठता एवं दयालुता सदा याद किया जाता रहेगा।कक्षा 6 ब के कमल राय ने श्रद्धांजलि सभा में कुशल मंच संचालन किया।

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