Sunday, December 3, 2023
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जिलाधिकारी द्वारा की गई निपुण भारत मिशन की समीक्षा

निरीक्षण कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों के वेतन रोकने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश

बलिया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निपुण भारत मिशन की बैठक की समीक्षा की गई। इसमें जिलाधिकारी ने मुख्य रूप से प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की स्थिति बेहतर करने पर जोर दिया। इसमें मुख्य रूप से 11 बिंदुओं पर चर्चा की गई।

ऑपरेशन कायाकल्प में 19 बिंदुओं पर समीक्षा की गई। इनमें से ग्रामीण ब्लॉक- वाइज इंफ्रास्ट्रक्चर में नगर क्षेत्र, बलिया और सैचुरेशन में गहडवार, रसड़ा और नवानगर कम पाए गए। जिला टास्क फोर्स रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान खंड शिक्षा अधिकारियों के कम निरीक्षण पर जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए उनके वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों (खंड शिक्षा अधिकारियों के अलावा) ने अपना निरीक्षण कार्य पूरा नहीं किया है उनका भी वेतन रोका जाए और उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए।

डीबीटी पेंडेंसी एनालिटिक्स में ब्लॉक बैरिया और दुबहड़ में बच्चों के आधार वेरीफिकेशन की ज्यादा मामले लंबित पाए गए। एआरपी की उपलब्धता में रसड़ा और शिक्षण सामग्री मुहैया कराने में चिलकहर सबसे कम पाया गया।

जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की संख्या वास्तविक संख्या से अधिक दिखाएं जाने और मध्यान्ह भोजन योजना में भी गड़बड़ी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्थिति सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि अगर कोई अधिकारी कार्य के प्रति लापरवाही बरतेगा,तो उस पर no work,no pay के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना, रसोईयों एवं शिक्षकों का वेतन भुगतान और उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें। यह काम अगली मीटिंग तक हो जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि निपुण भारत मिशन में जितने भी पैरामीटर हैं उनमें से सबसे कम प्रदर्शन करने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों की सूची बनाई जाए कि वे किन-किन पैरामीटर में पीछे हैं, तभी स्पष्ट जिम्मेदारी तय हो सकेगी। इस बैठक में मुख्य विकास प्रवीण वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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