Tuesday, December 5, 2023
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शासन व प्रशासन से न्याय न मिलने से क्षुब्ध पीड़िता ने राज्यपाल से लगाई न्याय की गुहार

आजाद पत्र
कुशीनगर। जनपद के पड़रौना तहसील क्षेत्र के‌ पडरौना कस्बा वार्ड 22 महंत द्विग्विजयनाथ नगर निवासिनी हाजरा खातून ने एक ही भूमि को दो बार बैनामा करने, कुटरचित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर एसडीएम न्यायालय से आदेश कराने व साक्ष्य मिटाने की नीयत से जिला राजस्व अभिलेखागार से 1347 फसली का बन्दोबस्त खतौनी के पन्नों को फड़वाने वाले दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग को लेकर जिला प्रशासन से लगायत प्रदेश स्तर तक के उच्च अधिकारियों को लगातार शिकायत करने के बाद भी संम्बधित दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से क्षुब्ध पीड़िता ने राज्यपाल को शिकायती प्रार्थना पत्र भेज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार जनपद के पडरौना तहसील क्षेत्र के नपाप पडरौना के वार्ड नंबर 22 महंथ दिग्विजय नाथ नगर निवासिनी पीड़िता हाजरा खातुन ने राज्यपाल को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि उक्त तहसील क्षेत्र के पडरौना मौजा में अ0सं0 2340/0.044 हे0 व 2352मी/0.089 हे0 कुल 0.0133 हे0 मे से 1/3 भाग 0.044 1/3 हे0 आवासीय भूमि मेहदी हसन, हसनैन, मुबारक अली व ज्याउल हक आदि से 14 नवंबर 2011 को रजिस्टर्ड बैनामा के माध्यम से क्रय कर काबिज है। लेकिन सह खातेदार भू-माफिया बलाल व खुर्शीद पुत्र सलाउद्दीन, रियाजुद्दीन उर्फ लाला व सैमुदीन पुत्र बेचई व गयासुद्दीन, बशीरुद्दीन, अमीरुद्दीन, इमामुद्दीन पुत्र सैमुद्दीन द्वारा उक्त आ0नं0 में अपना हिस्सा 1/3 सम्पूर्ण अंश आयशा खातुन पत्नी अलाउददीन सिददीकी छावनी पडरौना से 29 दिसंबर 2011 को रजिस्टर्ड बैनामा बेचने के बाद भी पडरौना तहसील के कर्मचारियों की मिली भगत से कुटरचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर एसडीएम न्यायालय पडरौना से एक पक्षीय आदेश पारित करा लिया और साक्ष्य मिटाने की नीयत से जिला राजस्व अभिलेखागार के बंदोबस्त खतौनी से 1347 फसली के दो पन्नों को फड़वा दिया गया। पीड़िता ने कहा है कि उक्त प्रकरण के संबंध में तहसील, जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के उच्चाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री को कई बार शिकायती पत्र भेज कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए न्याय की मांग करती रही लेकिन अभी तक कहीं से कोई न्याय नहीं मिला और न हीं दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई। जिसके चलते मेरे द्वारा क्रय की गई भूमि को उपरोक्त सह खातेदार भूमाफियाओं द्वारा बार-बार बेचने का प्रयास किया जा रहा है जिससे मौके पर कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित होने का डर बना हुआ है।

इनसेट —
— जमीन हड़पने की नीयत से भू-माफियाओ ने मृतक व्यक्तियों को बनाया हथियार–

पडरौना सदर तहसील क्षेत्र के मौजा पडरौना स्थित उक्त आ0नं0 में पीड़िता हाजरा खातून द्वारा 44 हे0 आवासीय भूमि क्रय करने के बाद सह खातेदारों ने भी उक्त आराजी नंबर में अपना संपूर्ण अंश बेच दिया। तथा पीड़िता की क्रय की गई भूमि को हड़पने के नियत से मृतक पूर्वजों को हथियार बनाते हुए उनके मृत्यु के उपरांत सन 2011 में कुटरचित कर एक रुपये के पुराने स्टांप पेपर पर 2 अप्रैल 1946 के नाम पर रंजीत वल्द बिहारी व जुगनू, जुमराती व कोलाहल पुत्रगण मोहर के बीच फर्जी समझौता तैयार कराया गया। जबकि 1940 के पूर्व ही समझौता कर्ताओं के वारिसान बेचई, मोलई, पीतांबर व दूधनाथ पुत्रगण जुगनू व रहमतल्ली, मोहम्मदल्ली व मोहरम पुत्रगण जुमराती एवं झंझट व भोला पुत्रगण कोलाहल का बतौर वारिस राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज हो चुका था।

इनसेट — फर्जी समझौते के आधार पर राजस्व अभिलेख मे अपना नाम कराया दर्ज, जिला रिकार्ड रुम से फड़वाया पन्ना–
एसडीएम न्यायालय पडरौना में 19 साल 3 माह 15 दिन से अदम पैरवी मे खारिज चल रहे कोर्रा बंटवारे के वाद पत्र में उपरोक्त मुलजिमानों द्वारा फर्जी समझौता पत्र लगाकर कुटरचित तरीके से वर्ष 2012 में न्यायालय को धोखा में रखकर एक पक्षीय आदेश पारित करा राजस्व अभिलेख मे अपना नाम दर्ज करा लिया। इसके बाद पीड़िता ने अपने क्रय की गई जमीन के बाबत जिला राजस्व अभिलेखागार में अभिलेखों का मुआईना कराया तो इस फर्जीवाड़ा की जानकारी हुई। तथा संबन्धित दस्तावेज मे पाया कि एक पक्षकार रंजीत वल्द बिहारी पिता-पुत्र न होकर रंजीत उर्फ बिहारी जो वास्तव में एक ही व्यक्ति है। तथा उक्त अभियुक्तों ने कुटरचित कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने व न्यायालय से आदेश कराने की पोल खुलने व पकड़े जाने की डर से जिला राजस्व अभिखागार के कर्मचारियों की मिलीभगत से साक्ष्य मिटाने की नियत से अप्रैल 2013 मे बन्दोवस्त खतौनी 1347 फ0 के दो पन्नों को फड़वा दिया। जबकि उक्त फटे पन्नों का 12 अगस्त 08 को नकल जारी किया गया है। जिसके सम्बन्ध में पीड़िता ने तत्कालीन डीएम को 4 जून 13 को शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराई जिसको संज्ञान लेते हुए ओसी अभिलेखागार को तत्काल जांच कर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। किन्तु इस मामले में अभी तक जालसाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इनसेट —
अपंजीकृत फर्जी समझौते को बिना सत्यापन के ही आधार बना एसडीएम ने किया आदेश– तत्कालीन सदर एसडीएम ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने 15 साल से अदम पैरवी में खारिज चल रहे कोर्रा बंटवारे के वाद में वर्ष 14 नवंबर 2011 को कायमी स्वीकार करते हुए वाद में दाखिल किया गया अपंजीकृत व फर्जी समझौता को संदिग्ध होने के बाद भी बिना सत्यापन कराये ही उसको आधार मानते हुए भू-माफियाओ के प्रभाव में मात्र चार दिन बाद ही यानि 18 नवंबर 2011 को कोर्रा निर्मित करने हेतु प्रारंभिक डिग्री देते हुए आदेश पारित कर दिया तथा पडरौना मौजा के तत्कालीन लेखपाल प्रदुम्न राव द्वारा भी कोर्रा निर्मित करने में अनियमितताएं बरतते हुए भू-माफियाओ को नाजायज लाभ पहुंचाने व फर्जीवाड़ा में फंसने से बचाने हेतु कोर्रा निर्मित करने के दौरान 13 आराजी नम्बरों का रकबा कम कर भूमाफियाओं के हक में कोर्रा निर्मित कर दिया गया। जिसके कारण उक्त भूमि विवाद उत्पन्न हो गया है। जबकि वर्ष 1998 में कोर्रा बटवारे का वाद दाखिल करते समय किसी भी आ0नं0 का सम्पूर्ण रकबा की न तो मांग की गई और न ही किसी समझौता पत्र का ही जिक्र किया गया है। बावजूद इसके राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से फर्जी समझौता को आधार मान तत्कालीन लेखपाल द्वारा कोर्रा निर्मित किया गया है।

इनसेट– पीड़िता का आरोप– जिम्मेदारों के लापरवाही के कारण इस जमींनी विवाद में कहीं न हो जाय कोई घटना– पीड़िता ने अपने भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए कहा है कि उपरोक्त मुल्जिमानो द्वारा एक ही भूमि को अलग-अलग दो व्यक्तियों को दो बार रजिस्टर्ड बैनामा किया गया है। जिसकी शिकायत पर तत्कालीन एडीएम द्वारा वर्ष 22 अगस्त 13 को दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु एसडीएम सदर को निर्देशित किया था। लेकिन उपरोक्त दोषियों से प्रभावित सम्बंधित जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्यवाही न करने से दोषियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और मेरे द्वारा क्रय की गई भूमि को बेचने का बार-बार प्रयास किया जा रहा है। जिसके संबंध में तहसील से लगाएत जिला व प्रदेश स्तर के उच्चाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्रो के माध्यम से अवगत कराया गया है लेकिन दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न होने की स्थिति में भूमाफियाओं का हौसला बुलंद हैं। कभी भी कोई अप्रिय घटना कारित कर सकते हैं।

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