रतनपुरा में दशहरा मेले की धूम, बुराई के प्रतीक रावण का हुआ अंत

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रतनपुरा,मऊ। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा का पर्व रतनपुरा विकासखंड मुख्यालय सहित पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शुक्रवार की शाम क्षेत्र के आस्था का केंद्र श्री राम जानकी मंदिर कुंज वन कुटीर बुढवा बाबा की कुटी पर स्थित रामलीला मैदान पर धर्म प्राण नागरिकों की भारी भींड़ उमड़ पड़ी। कुंज वन कुटीर के महंत अरुणेश त्रिपाठी की उपस्थिति में मेघनाथ व रावण वध का मंचन किया गया। राम के द्वारा रावण का वध करते ही पूरा वातावरण जय श्री राम के नारो से गूंज उठा। तत्पश्चात राम का विमान पुतला दहन स्थल पर पहुंच पहुंच गया। इसके बाद रावण का विशालकाय पुतला फूंका गया। चुकि कुंजवन कुटीर स्थान पर प्रतीकात्मक मेले का ही आयोजन था। जिसमें कुछ लोग प्रसाद बेचने के लिए अपनी दुकान लगाए थे। वही रतनपुरा बाजार स्थित दुर्गा पूजा पंडालों पर भारी भीड़ रही ।बच्चों ने मेले का लुत्फ उठाया। भारी संख्या में आस्था वानो ने मां दुर्गे का पूजन अर्चन किया। स्थानीय बाजार स्थित वैष्णो माता मंदिर से 151 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाला गया, जो काली मंदिर ,दुर्गा मंदिर का भ्रमण करते हुए पुनः वैष्णो मंदिर पर पहुंच कर विधिवत पूजन अर्चन किया गया। क्षेत्र के मखना स्थित फक्कड़ बाबा के स्थान पर क्षेत्रवासियों द्वारा रामायण पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया। जहां हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रतिभान सिंह ,डॉ जनार्दन सिंह, अभय , ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे |दशहरे के दिन दुकानदारों में इस बात को लेकर के काफी गहरी निराशा थी कि मेलार्थियों की भीड़ कम होगी, परंतु जैसे-जैसे शाम होती गई दर्शनार्थियों और बच्चों की भीड़ उमड़ पड़ी। रतनपुरा आउटपोस्ट पुलिस चौकी के प्रभारी रामचंद्र सिंह अपने पूरे अमले के साथ यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने में लगे हुए थे। वही परिवहन व्यवस्था इस बार इसलिए चुस्त-दुरुस्त था कि दुर्गा पूजा समितियों द्वारा पूजा पंडाल सड़क पर बढ़ाकर नहीं बनाए गए थे। जबकि वे अपने परिसरों तक ही सीमित रह गए। इस वजह से आवागमन पूरी तरह से नियंत्रित रहा।

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