मरदह थाने पर पथराव के बाद आरोपियों की धरपकड़ शुरू

0
26

 

आज़ाद पत्र न्यूज़ ,गाजीपुर

शनिवार के दिन मरदह थाना परिसर में किये गये पथराव के मामले में पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों के परिजनों पुनः आरोप लगाया कि दबिश के दौरान महिलाओं व बच्चों को पुलिस द्वारा पीटा गया है। वहीं लोगों को हिरासत में लेने के बाद सुभासपा, सपा, बसपा के नेताओं का परिवारवालों से मिलने का क्रम भी शुरू हो गया है। मरदह कस्बे में घटना को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। जिसको देखते हुए पर्याप्त पुलिसबल की तैनाती की गयी है।

रामलीला के सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुए विवाद के बाद हुआ था भारी बवाल

गाजीपुर जनपद के मरदह बाजार में गुरुवार कि शाम तक दशहरा की धूम थी और सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था तभी देर शाम रामलीला के दौरान मारपीट की घटना ने क्षेत्र की फिजा बदल दी। खबर है कि जिलापंचायत सदस्य व भाजपा नेता शशिप्रकाश सिंह को गांव के कुछ लोगों द्वारा घेरकर पीटा गया ,शशिप्रकाश को सिर में गंभीर चोटें भी आई।उधर जिला पंचायत सदस्य व भाजपा नेता शशिप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया है कि रामलीला के दौरान राजभर व पासी समाज के लोग रामलीला कलाकारों से अभद्रता कर रहे थे। और व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे ,और उनके द्वारा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
घटना के बाद हरकत में आई मरदह पुलिस ने नामज़द आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धड़पकड़ तेज़ की थी । शुक्रवार रात्रि आरोपित युवक बंटी राजभर सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। तबतक मामला जातिगत खेमेबंदी व अफवाहों का शुरू हो चुका था। इसी दौरान किसी ने अफवाह उड़ा दी कि आरोपी बंटी राजभर को पुलिस ने बहुत टॉर्चर किया है ,और उसकी मौत हो गयी है। जबकि इसके विपरीत बंटी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।शनिवार की सुबह बंटी की मौत की झूठी अफवाह सुनकर सैकड़ो की संख्या में महिला व पुरूष थाने के बाहर जमा होकर थाने पर पथराव करना शुरू कर दिए। अचानक हुए इस पथराव के लिए पुलिस तैयारी में नहीं थी और पथराव में मरदह थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार का सिर फट गया साथ साथ 6 अन्य आरक्षी भी घायल हो गए। ग्रामीण यहीं नहीं माने और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर मरदह बाजार के मुख्य मार्ग पर बैठ गए।
इस दौरान ग्रामीण ने पुलिसिया कार्यवाही पर गंभीर आरोप लगाए और कहे कि बीती रात पुलिस ने घर मे घुसकर कई लोगों को मारा-पीटा है।
घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंच पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह मोर्चा संभाला और लोगों से वार्ता की साथ ही घायल पुलिसकर्मियों का हाल जाना। घटना के बाद लगे सड़क जाम के बाबत पुलिस अधीक्षक प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिसको लेकर एक समाज के लोग मरदह बाजार में घण्टों से जाम लगाए हुए थे और पुलिस कस्टडी में आरोपी युवक की पिटाई का मामला सरासर गलत है। एक आरोपी घायल था तो उसकी खराब तबियत को देखते हुए पुलिस उसका इलाज कराने ले जा रही थी तो लोगों में किसी ने झूठी अफवाह फैला दी। घायल युवक ठीक है और परिवार के संपर्क में है । लोगों को समझा कर जाम समाप्त कराया गया व निजी मुचलके पर आरोपियों को छोड़ा गया

घटना के बाद राजनीति शुरू, एक पक्ष के प्रति खास सहानुभूति दिखा रहा विपक्ष


उधर शनिवार का पूरा दिन मरदह क्षेत्र जिले की सुर्खियां बटोर रहा था ।पल पल बदलते घटनाक्रम में राजनीतिक रोटी भी सेंकी जाने लगी। दिन चढ़ते चढ़ते समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले में अपनी सियासत साधने में जुट गई जिसके क्रम में शनिवार की शाम पार्टी जिलाध्यक्ष रामधारी यादव पार्टी कार्यालय समता भवन में पत्रकारों से वार्ता की जिसमे उन्होंने साफ कहा कि रामलीला कमेटी मरदह के अध्यक्ष और उनके साथियों ने बंटी राजभर के छोटे भाई शुभम राजभर को मंदिर में ले जाकर जमकर पिटाई की उसके बाद पीड़ित थाने पहुंच कर गुहार लगाया तहरीर भी दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और उसके विपरीत बंटी राजभर को ही उठा कर थाने ले गई और बर्बर पिटाई कर उसे अचेत कर दी। पुलिस की यह अन्याय पूर्ण कार्रवाई सत्ता पक्ष के दबाव में हुई है। साथ ही सपा ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए और दोषी पुलिस कर्मियों का निलंबन किया जाना चाहिए वरना उनकी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरने को बाध्य होगी। वहीं बसपा नेताओं ने भी एक समाज की बस्तियों में अपनी आवाजाही तेज़ कर दी है और मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here