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    Homeजनपदभगवान ने दी जिंदगी, मां-बाप ने दिया प्यार, पर सीखने और पढ़ाई...

    भगवान ने दी जिंदगी, मां-बाप ने दिया प्यार, पर सीखने और पढ़ाई के लिए ऐ गुरु हम हैं तेरे शुक्रगुजार

    प्रयागराज – कहते हैं कि गुरु के बिना ज्ञान अधूरा होता है। एकलव्य को कोई गुरु नहीं मिला तो उन्होंने द्रोणाचार्य की प्रतिमा रखकर उनको गुरु मान लिया और खुद से धनुर्विद्या सीखा। बाद में गुरु द्रोणाचार्य ने उनसे गुरु दक्षिणा में उनकी उंगली मांग ली और उन्होंने दे दिया। एकलव्य जानते थे कि गुरु बिना कुछ नहीं होगा। गुरु का आशीर्वाद हमेशा चाहिए। ये कहना है निर्देशक व पत्रकार हिमांशु यादव का उहोंने ने कहा ही क्यों मुझे देने वाले सभी शिक्षकों को प्रणाम करता हूं जिनसे लाइफ में गुरु के रूप में बहुत कुछ सीखने को मिला ।

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