बड़ागांव को मिला राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पीएचसी का कायाकल्प अवार्ड

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92 फीसदी अंक हासिल कर सर्वश्रेष्ठ पीएचसी का मिला गौरव

जनपद की आठ स्वास्थ्य इकाईयाँ वर्ष 2020-21 के लिए हुईं पुरस्कृत

बड़ागांव पीएचसी, चोलापुर सीएचसी व डीडीयू राजकीय चिकिस्तालय को मिला पाँचवीं बार पुरस्कार

नीति आयोग के आदर्श ब्लॉक सेवापुरी व पिंडरा को मिला पहला कायाकल्प अवार्ड

मुख्यमंत्री द्वारा गोद लिए गए सीएचसी हाथी की स्वास्थ्य सेवाओं को किया जा रहा सुदृढ़

अभिषेक त्रिपाठी/वाराणसी

      वाराणसी। जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर लगातार बढ़ रहा है। राजकीय चिकित्सालयों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र भी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कराने में जुटे हैं। इसका नतीजा यह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कायाकल्प कार्यक्रम में वर्ष 2020-21 के लिए जनपद की आठ स्वास्थ्य इकाईयों ने कायाकल्प पुरस्कार हासिल किया है। इस क्रम में जहां बड़ागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ने प्रदेश में सर्वाधिक अंक (92.25%) हासिल कर सर्वश्रेष्ठ पीएचसी का स्थान प्राप्त किया है, वहीं नीति आयोग से आदर्श ब्लॉक सेवापुरी पीएचसी व पिंडरा पीएचसी को वर्ष 2020-21 के लिए पहली बार कायाकल्प अवार्ड मिला है। 
 जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के मार्ग-निर्देशन व देखरेख में जनपद की स्वास्थ्य इकाईयों पर बेहतर व आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं, जिसका परिणामस्वरूप है कि इस बार जनपद की एक साथ आठ स्वास्थ्य इकाईयों को कायाकल्प पुरस्कार हासिल हुआ है। मंडलीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डॉ शशिकांत उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वी बी सिंह, मंडलीय सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डॉ आरपी सोलंकी के नेतृत्व व राजकीय चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की ओर से किए जा रहे प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष कायाकल्प कार्यक्रम में नई ऊचाइयाँ छू रहा है। डॉ शशिकांत उपाध्याय ने बताया कि चिकित्सा इकाइयों और स्वास्थ्य केन्द्रों का नामांकन आंतरिक, सहकर्मी एवं बाहरी मूल्यांकन के अंतर्गत तीन चरणों मे किया जाता है। इन चरणों के माध्यम से सभी बिन्दुओं जैसे - स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, समर्थन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना, मरीजों के साथ स्टाफ का सकारात्मक व्यवहार आदि पर स्वास्थ्य केंद्र का मूल्यांकन किया जाता है, जिसमे आंतरिक मूल्यांकन का निरीक्षण स्थानीय टीम दवारा, सहकर्मी मूल्यांकन का निरीक्षण राज्य स्तरीय टीम द्वारा किया जाता है।
 मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि बड़ागांव को इस बार प्रदेश में सर्वाधिक अंक (92.25 प्रतिशत) हासिल करने का गौरव प्राप्त हुआ है और लगातार पाँचवी बार कायाकल्प अवार्ड मिला है। इसी के साथ नीति आयोग के ब्लॉक सेवापुरी व पिंडरा पीएचसी की भी मेहनत रंग लाई और इस बार उसे कायाकल्प का पहला पुरस्कार मिला है। इसका पूरा श्रेय समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों के वार्ड ब्योय से लेकर प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक व अधिकारी को जाता है। उन्होने समस्त आठों स्वास्थ्य इकाईयों के स्टाफ को शुभकामनायें दी और भविष्य में और भी बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रोत्साहित किया। मंडलीय सलाहकार डॉ आरपी सोलंकी ने कहा कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 के लिए जनपद की आठ स्वास्थ्य इकाईयों यथा बड़ागांव पीएचसी (92.25%), सेवापुरी पीएचसी (77.70%), पिंडरा पीएचसी (72.7%), हरहुआ पीएचसी (73.85%), सीएचसी चोलापुर (88.8%), नगरीय पीएचसी मँड़ुआडीहा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय व एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय को कायाकल्प अवार्ड मिला है। उन्होने बताया कि राज्य स्तर पर चयनित हुई 295 पीएचसी में से बड़ागांव पीएचसी को सर्वश्रेष्ठ पीएचसी का स्थान मिला है तो वहीं चोलापुर सीएचसी ने प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ सातवीं सीएचसी का स्थान हासिल किया है। बड़ागांव पीएचसी, चोलापुर सीएचसी व डीडीयू राजकीय अस्पताल को लगातार पाँचवीं बार यह पुरस्कार मिला है। वहीं मँड़ुआडीहा नगरीय पीएचसी को लगातार दूसरी बार यह अवार्ड मिला है। डॉ सोलंकी ने बताया कि जनपद की स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुये बड़ागांव पीएचसी को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन (एनक्वास) के लिए चुना गया है, जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर इसका फ़ाइनल असेस्मेंट किया जाएगा। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोद लिए गए सीएचसी हाथी बाजार की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ व बेहतर किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2021-22 में सीएचसी हाथी बाजार को भी कायाकल्प का सर्वश्रेष्ठ अवार्ड मिल सके।

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