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    फर्जी दस्तावेज बनाकर कर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना लगाने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़

    जालसाजी गिरोह के सरगना गुरफान खां सहित दो जालसाज पकड़े गये

    संतोष शर्मा
    अलीनगर। उत्तर प्रदेश बिहार के बॉर्डर पर नौबतपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने संबंधी मामले का एक बार फिर भंडाफोड़ हुआ है।इस जालसाजी करने वाले गिरोह का सरगना बुधवार की रात सैयदराजा थाना क्षेत्र के ग्राम बरठी कमरौर से अलीनगर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।उसके साथ उसके दो साथी भी पकड़े गए। गिरोह फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर वन विभाग की जाली रसीद और ई चालान बनाने का काम करता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में कूटरचित दस्तावेज, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, मोहर आदि बरामद किया है। बताते चलें कि बीते पांच अगस्त को वन विभाग के दरोगा संजय कुमार ने अलीनगर थाना में एक प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया था कि फर्जी कागजात पर एक ट्रक लकड़ी लादकर सैयदराजा बॉर्डर से रामनगर की ओर जा रहा है। उनकी शिकायत के आधार पर जांच की गई तो ड्राइवर के पास से वन विभाग का फर्जी अभिवहन पास और परिवहन विभाग की रसीद मिली। बाद में एसपी के निर्देश पर अलीनगर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बरठी कमरौर गांव में छापेमारी कर बरठी निवासी गुफरान खां, परेवा निवासी पवन कुमार गुप्ता, इरफान खां नौबतपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके पर से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, फिंगरप्रिंट, स्कैनर, लैपटॉप, प्रिंटर, फर्जी मोहर आदि बरामद किया। गिरोह का सरगना गुफरान खां उर्फ सोनू पहले बेशकीमती अष्ट धातु के शंख के साथ पकड़ा जा चुका था। तत्कालीन पुलिस कप्तान संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर मुगलसराय के तत्कालीन कोतवाल शिवानंद मिश्रा ने गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद वह फिर से बरठी कमरौर में जाली दस्तावेज बनाने का अपना सिंडिकेट चला रहा था।आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह बिहार से कोयला आदि लाद कर आने वाले ट्रकों का फर्जी अभिवहन पास सी-6सी और शिड्यूल रसीद बनाकर ट्रक चालकों को देते थे, ताकि वह जुर्माने से बच सकें। प्रति रसीद 1750 रुपए लेते थे साथ ही ई चालान को उचित तरीके से एडिट कर उसकी तिथि बदल देते थे और इस काम के एवज में तीन सौ रुपए लेते थे। वे बड़े पैमाने पर डीएल बनाने का काम भी करते थे और जो पैसे मिलते थे उसे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अलीनगर संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश यादव, श्रीकांत पांडे, बाबूराम यादव, कांस्टेबल नीरज सिंह, सुनील सिंह, सुमित सिंह आदि शामिल रहे।

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