More
    HomeUncategorizedप्रबुद्ध प्रकोष्ठ के बहाने ब्राह्मणों पर सपा का दांव

    प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के बहाने ब्राह्मणों पर सपा का दांव

    संगठन की मजबूती के लिए बनी टीम

    कुमार अम्बुजेश

    कुशीनगर। एक वक्त में कुशीनगर जिले में मजबूत दबदबा रखने वाली समाजवादी पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में बिल्कुल साफ हो गई। लिहाजा 2022 के लिए अब समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मणों पर बड़ा दांव खेलने की तैयारी की है। इस कड़ी में कुशीनगर जिला मुख्यालय स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में पार्टी के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें सपा प्रबुद्ध प्रकोठ के जिलाध्यक्ष जय कुमार त्रिपाठी उर्फ बाबा ने पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज यादव के साथ मिलकर जिला कार्यकारिणी में मनोनीत सदस्यों को मनोनयन पत्र बांटा।

    समाजवादी पार्टी के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ का पूरा ढांचा ये बता रहा है कि पार्टी का पूरा फोकस इस बार ब्राह्मणों पर है। कुशीनगर जिले के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी में करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा ब्राह्मण चेहरे हैं जबकि एकमात्र मुस्लिम चेहरे के रुप में सोहराब अली को शामिल किया गया है। वैसे भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपनी सरकार आने पर भगवान परशुराम की मूर्ति बनवाने का वादा करके दांव खेल चुके हैं। अब जिला स्तर पर भी संगठन में इसकी तैयारी शुरु हो गई है। प्रबुद्ध प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी इस प्रकार है।

    1- जय कुमार त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष

    2- रामजी पांडेय, जिला उपाध्यक्ष

    3- नारद चौबे जिला उपाध्यक्ष

    4- सदानन्द मिश्र जिला उपाध्यक्ष

    5- डॉ धनंजय मिश्र जिला उपाध्यक्ष

    6- जय श्रीकृष्ण शुक्ल, जिला उपाध्यक्ष

    7- संजय कुमार मिश्र जिला उपाध्यक्ष

    8- आलोक उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष

    9- सोहराब अली जिला उपाध्यक्ष

    10- सुनील तिवारी, जिला सचिव

    11- करुणेश द्विवेदी, जिला सचिव

    12- डॉ कमलेश पाण्डेय जिला सचिव

    13- आनंद त्रिपाठी जिला सचिव

    14- मिथिलेश मिश्र, जिला सचिव

    15- तारकेश्वर मिश्र जिला सचिव

    16- बबलू चौबे कोषाध्यक्ष

    17- अशोक चौबे कार्यकारिणी सदस्य

    18- संजीव शुक्ल कार्यकारिणी,

    19- कान्हा मिश्र कार्यकारणी सदस्य,

    20- रामसजीवन ओझा जी

    साफ है कि समाजवादी पार्टी इस बार के विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण वोटबैंक पर खास फोकस कर रही है, जिला कार्यकारिणी इसका बड़ा उदाहरण है। बसपा और भाजपा से उधार ली गई सोशल इंजीनियरिंग पर अब सपा आगे बढ़ रही है। अब कितनी सफलता उसे मिलेगी ये देखना बेहद दिलचस्प रहेगा

    RELATED ARTICLES

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    - Advertisment -

    Most Popular

    Recent Comments