More
    Homeजनपदपलक झपकते ही विषैले सर्प को पकड़ लेता है रतन, अब तक...

    पलक झपकते ही विषैले सर्प को पकड़ लेता है रतन, अब तक हजारों सर्प पकड़ कर जंगलों में छोड़ चुका है

    (बेटा जय गुप्ता भी खेलता है सर्प से)

    अभिषेक त्रिपाठी/वाराणसी

    वाराणसी। बड़े से बड़े सांपों को एक छड़ी की मदद से एक युवक को पकड़ता देख लोगों अपने दांतो तले उंगलियां दबा लेते है। विषैले सर्प को पलक झपकते ही पकड़ता है रतन गुप्ता नामक युवक उसकी इस हिम्मत का लोहा क्षेत्र के वनकर्मी भी मानते हैं इतना ही नहीं रतन का 12 वर्षीय पुत्र जय गुप्ता भी उसी की तरह सांपों से खेलता है उसे भी सांपों से किसी प्रकार का भय नहीं लगता। यह देख लोग आश्चर्य हो जाते हैं। गौर (मिर्जामुराद) निवासी रतन गुप्ता (कोबरा) को किसी भी विषैले सर्प को वो एक छड़ी के सहारे पकड़ने में देरी नहीं लगती है उसे देखकर ऐसा लगता है कि उसको सांप पकड़ने में महारत हासिल है पलक झपकते ही एक छोटे छड़ी के सहारे सर्प को पकड़ते देख लोग अचंभित होते हैं ।रतन सांप को पकड़ने के बाद उसे किसी निर्जन स्थान में छोड़ देता है। ग्रामीणों के अनुसार निशुल्क सेवा के लिए मशहूर रतन गुप्ता को आधी रात में भी अगर कोई व्यक्ति खबर देता है तो वह मौके पर पहुंचने में देर नहीं लगाता बताते हैं कि गुरुवार की सुबह रतन गुप्ता को फोन के माध्यम से सूचना मिली मोहनसराय स्थित एक जर्नल स्टोर के दुकान में सर्प निकला हुआ है उनके सूचना पर रतन बिना देरी किये निकल पड़े और मोहरसराय स्थित जर्नल स्टोर के दुकान पर पहुँचकर रतन ने बड़े ही चतुराई से अपने छड़ी के मदद से सर्प को पकड़ लिया जब रतन से सर्प के बारे में पूछा गया तो रतन ने बताया की ये सर्प भारत का सबसे जहरीला सर्प है जिसे लोग कामन करैत के नाम से जानते है और इसके एक बार काटने से इतना जहर निकलता है जिसे 60 लोगों की जान जा सकती है। इनके इस जानकारी से क्षेत्रीय लोगो ने सराहा और बोले की आपके दी हुई जानकारी से जान बच सकती है जो की ये बहुत ही नेक कार्य है। रतन गुप्ता का हर कोई मोबाइल नंबर लेने के लिए व्याकुल था। रतन गुप्ता ने बताया की जैसे ही मोहनसराय से सर्प पकड़ कर निकले तो फोन के माध्यम से सूचना आया कि राजातालाब स्थित न्यू यादव ढाबा पर एक सर्प निकला है में तुरंत वहाँ पर भी पहुँचकर अपने छड़ी के मदद से कोबरा नाग को भी अपने कब्जे में ले लिया। रतन के अनुसार उसना 12 वर्षीय पुत्र जय गुप्ता भी सांपों से खेलता रहता है उसे भी किसी प्रकार का सांपो से डर नहीं लगता। रतन के इस कार्य से जहां सांपों की जिंदगी बच जाती है वही सांपों को पकड़ कर दूर कहीं एकांत स्थान पर छोड़े जाने से राहत की सांस लेते हैं। रतन ने बताया रोज कहीं ना कहीं सांप निकलते हैं इसी दौरान जहां भी सूचना मिलती है पहुंचने की कोशिश करता हूं रतन ने बताया कि अब तक वह हजारों सांपों को पकड़ कर जंगल में सुनसान जगह पर छोड़ चुका है।

    RELATED ARTICLES

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    - Advertisment -

    Most Popular

    Recent Comments