तीन करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत किए जा रहे हाई चैनल में गुणवत्ता की अनदेखी

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मौके पर नही रहते सिंचाई विभाग के जेई

अहरौरा मिर्जापुर

क्षेत्र के 42 गांवों की सिंचाई के लिए डोंगिया जलाशय से आ रहे पानी को लिखनिया दरी से हाई चैनल के माध्यम से अहरौरा मेन तक पहुंचाने वाली हाई चैनल का मरम्मत इन दिनों जोर शोर से चल रहा है । जिसमें मानक एवं गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है ।
हाई चैनल में हुए लिंकेज को बंद करने एवं हाई चैनल की ऊंचाई एक बढ़ाने के लिए लगभग तीन करोड़ बीस लाख रुपए स्वीकृत हुआ है ।
स्वीकृत धनराशि से हाई चैनल का निर्माण कार्य इन दिनों चल रहा है लेकिन निर्माण कार्य मैं गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है ।
जब की गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कराने के लिए निर्माण के समय प्रतिदिन मौके पर अहरौरा बांध पर नियुक्त जे ई की उपस्थिति होनी चाहिए ।
लेकिन जेई का कहीं कोई अता पता नहीं है । और ठेकेदार द्वारा मनमानी ढंग से कार्य कराया जा रहा है ।
लिखनिया दरी से अहरौरा मेन कैनाल तक निकली हाई चैनल लगभग में तीन किलोमीटर का कार्य होना है ।
हाई चैनल के माध्यम से अहरौरा मेन कैनाल में आने वाला पानी ओवरफ्लो करके अहरौरा बांध में ना जाए इसके लिए हाई चैनल की दीवार को ऊंचा किया जा रहा है ।
इसके साथ ही कई जगहों पर हाई चैनल में लीकेज हो गया है जिससे पूरी क्षमता से पानी कैनाल में नहीं आ पाता इसके लिए भी लगभग एक किलोमीटर तक हाई चैनल के ग्राउंड में सीमेंट गिट्टी की मोटी परत डाल कर लिकेज को बंद किया जाना है ।
क्षेत्र के किसानों की मांग पर हाई चैनल की मरम्मत के लिए आए धन में बंदरबांट किए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है ।
वहीं भारतीय किसान यूनियन एवं अहरौरा मेन कैनाल समिति के पदाधिकारियों की चुप्पी भी किसानों की समझ में नहीं आ रहा है ।

कब कराया गया हाई चैनल का निर्माण

क्षेत्र के 42 गांवो की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग द्वारा 1974 से 1975 तक के बीच में हाई चैनल का निर्माण कराया गया था ।
हाई चैनल की कुल लंबाई 7.4 किलोमीटर एवं क्षमता सौ क्यूसेक रखी गई थी ।
इस संबंध में अहरौरा बांध के जे ई नरसिंह मौर्य ने बताया कि निर्माण कार्य सिंचाई विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की देखरेख में किया जा रहा है ।
अगर किसी प्रकार की कोई शिकायत मिली तो उसकी जांच कराई जाएगी ।

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