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    डॉक्टर मन्नू यादव की पुस्तक कजरी मिमासा लोक संस्कृति और परंपरा का विमोचन मालिनी अवस्थी ने किया

    अरविन्द कुमार त्रिपाठी

    अहरौरा मिर्जापुर

    लोक संस्कृति के एवं लोक गायन के माध्यम से क्षेत्र ही नहीं मिर्जापुर जनपद एवं पूर्वांचल का नाम देश विदेश में रोशन करने वाले डॉक्टर मन्नू यादव द्वारा रचित पुस्तक कजरी मिमासा लोक संस्कृति और परंपरा नामक पुस्तक का लोकार्पण लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी द्वारा किया गया ।
    लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु अब तक मौखिक रूप से प्रचलित कजरी के विभिन्न स्वरूप को “कजरी मीमांसा” लोक संस्कृति और परंपरा, नामक पुस्तक का विमोचन पदमश्री मालिनी अवस्थी के द्वारा उनके,आवास11 गौतम पल्ली लखनऊ में शुक्रवार को हुआ। मालिनी अवस्थी स्वयं शास्त्रीय, उपशास्त्रीय में दक्ष और लोक संगीत की विधाओं में अति श्रेष्ठ लोक गायिका हैं ।
    जिन्होंने सोन चिरैया फाउंडेशन के माध्यम से लोक के विभिन्न कलाकारों को मंच देकर लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम लगभग 20 वर्षों से कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय लोक गायक डॉक्टर मन्नू यादव द्वारा लिखित पुस्तक कजरी के विभिन्न अंचल में प्रचलित लोक की मौखिक परंपरा लिखित करके एक ऐतिहासिक कार्य किया है ।
    डॉक्टर मन्नू यादव बताते हैं कि पदमश्री मालिनी अवस्थी ने आईल सावन झूम के, सावन मास के लिए पूरे भारत की नारी शक्ति के द्वारा विभिन्न स्वरूपों में गाई जाने वाली रितु गीत, वर्षा के गीत, कजरी, भोजली, ढुन मुनिया कजरी, हाडौती, राक्षरे , झूला गीत,हिन्डोला, मिर्जापुरी कजरी काजल देवी के स्वरूप और मां विंध्यवासिनी के कालीमां श्रृगार रातजग्गा, गांव के गीत के साथ ही शायरी कजरी, छंद विधान की कजरी, रसना गहन छंद जीभ पकड़कर गाए जाने वाली कजरी, डमरु बंद कजरी, कमल बंद कजरी, अष्ट बिहू मंडल कजरी शीशा पलट कजरी डमरु बंद करें आदि चित्रों पर कजरी को पुस्तक मे समाहित करने का प्रथम कार्य है।
    अब तक ना प्रकाशित होने वाले घरानों के वह मूल रूप से मौलिक कजरी गायकों के जीवन पर प्रकाश डाला गया है ।
    डॉक्टर मन्नू यादव ने कहा कि यह अपने आप में कजरी की पहली पुस्तक होगी जिसमें समस्त विधाओं पर लेखक ने कार्य किया है ।
    इस अवसर पर सचिवालय के कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री आशुतोष पांण्डेय, लोक गायक अशोक कुमार, लोक कवि राम जनम चंचल, आशीष प्रधान, राम चरण कवि आदि लोग कोरोना प्रोटोकाल, पालन करते हुए उपस्थित रहे।

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