जहूराबाद विधानसभा : अपने ही दुर्ग में घिरे ओमप्रकाश, हाथी को मिला मजबूत महावत

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तौहीद अब्बासी।

गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने ओमप्रकाश राजभर की जहूराबाद सीट इस समय पूरी राजनीति का केंद्र बिंदु बनी हुई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर इसी विधानसभा क्षेत्र से 2017 में विधायक बनकर भाजपा सरकार में मंत्री पद पाए थे ।

जिले की जहूराबाद विधानसभा मे अब लगभग सभी उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गयी है, ओमप्रकाश राजभर के स्वजातीय पूर्व विधायक कालीचरण राजभर ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा था और उन्हें इनाम के तौर पर जहूराबाद की कठिन सीट थमा दी गई है । मगर इस बीच जिस दल की सबसे ज्यादा चर्चा है वह है बहुजन समाज पार्टी। जिसे जहूराबाद में काफी मजबूत महावत मिल गया है। पूर्व मंत्री शादाब फ़ातिमा बसपा का दामन थाम टिकट उस वक़्त ले उड़ी जब पूर्व में संभावित बुझारत राजभर हाथी की पैरवी करते हुए पूरी जहूराबाद विधानसभा कदमों से नाप चुके थे। सबसे खास बात यह है कि तीनो जहूराबाद विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके है, पिछली बार भाजपा गठबंधन से विधायक ओमप्रकाश राजभर इस बार सपा गठबंधन से मैदान मे है तो सपा से विधायक रही शादाब फातिमा बसपा से मैदान मे है तो बसपा से विधायक रहे कालीचरण राजभर भाजपा से मैदान मे है, काग्रेस ने भी अपना हाथ इस बार नये उम्मीदवार ज्ञान प्रकाश के साथ दे दिया है और दिग्गज कांग्रेसी रहे सुरेंद्र सिंह को मायूस होना पड़ा। शादाब फातिमा दलित, मुस्लिम व भाजपा के परंपरागत स्वर्ण वोटरों के बदौलत जहूराबाद मे अजेय बनने की फिराक मे है तो कालीचरण राजभर भाजपा के परम्परागत वोटों की बदौलत राजभर मतों के सहारे अपनी नैया पार लगाने के लिए प्रयासरत है। हालांकि कालीचरण के भाजपा उम्मीदवार घोषित होने पर आमजनमानस में चर्चा है कि बीजेपी की स्थिति खराब ही रहेगी । गौरतलब है कि कालीचरण राजभर के एक दशक के कार्यकाल में कोई विकास नहीं दिखा। यहां बीजेपी के लिए सुखद पहलू यह है कि शादाब के आने से बीजेपी के धुर विरोधी ओमप्रकाश भी घिर जाएंगे जो कि बीजेपी हर हाल में चाहती है। वही ओमप्रकाश राजभर, यादव,और मुस्लिम मतों के सहारे मैदान मारने की फिराक मे है, कांग्रेस से ज्ञान प्रकाश सिंह दो सालों से काग्रेस को जहूराबाद मे जीवंत करने मे लगे थे और इसमे काफी हद तक सफलता पाई लेकिन चुनाव मे उसको कितना भुना पायेगे यह देखना दिलचस्प होगा।

जहूराबाद में समाजवादी पार्टी का चेहरा रहे पूर्व प्रत्याशी युवा महेंद्र चौहान को समाजवादी पार्टी ने पड़ोस की सीट रसड़ा से टिकट देकर जहूराबाद में चौहान वोटरों को अपने पाले में करने की काफी अच्छी कवायद की है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा कि चौहान वोटरों का एक खासा प्रतिशत सपा समर्थित उम्मीदवार को चला जाए और उस स्थिति में ओमप्रकाश राजभर दूसरी बार विधानसभा आसानी से पहुंच जाएंगे ।जहूराबाद के जातिगत समीकरण मे अब चौहान और बिंद मतदाताओ पर सबकी नजर है, चौहान मतदाता ऊहापोह की स्थिति में है यूँ तो चौहान मतों पर भाजपा की पकड़ मानी जाती है लेकिन चौहान मतदाताओं का एक वर्ग भारतीय जनता पार्टी द्वारा चौहान को टिकट न देने से खासे नाराज भी दिख रहा है जहूराबाद के जातिगत समीकरणों पर नजर डाली जाय तो अनुसूचित मतदाता 75 हजार, राजभर 68 हजार, यादव 45 हजार, चौहान 35000, मुसलमान 30 हजार, राजपूत 24 हजार, ब्राहमण और कुशवाहा 17-17 हजार, और निषाद बिंद मतदाता 21000 हजार है।

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