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    जल जीवन मिशन में हुए घोटाले के विरोध में आम आदमी पार्टी ने किया मटका फोड़ आंदोलन

    अमित सिंह चौहान

    मऊ। उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ में हुए हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं संग जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र राणावत एवं जिला प्रभारी प्रवीण यादव के नेतृत्व में मटका फोड़ आन्दोलन कर राज्यपाल को संवोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया गया।
    इस अवसर पर जिला प्रभारी प्रवीण यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले का भण्डाफोड़ किया है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में राज्यों को ₹1 लाख 20 हजार करोड़ का आवंटन किया गया था। किंतु इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा किए गए लगभग हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
    जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र राणावत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत हर घर पानी पँहुचाने हेतु पाइप सप्लाई का कार्य ‘रश्मि मटेलिक्स’ नामक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी का भ्रष्टाचार एवं निकृष्ट पाइप बनाने में लिप्त रहने का इतिहास रहा है, जिससे सम्बंधित विभिन्न तथ्य निम्न प्रकार है –
    केंद्रीय आर्थिक सूचना ब्यूरो (CEIC) ने अपनी जाँच में पाया था कि यह कंपनी फ़र्जी निवेश तथा फ़र्जी शेल कंपनियाँ बनाने में भी लिप्त है।

    मटका फोड़ आंदोलन करने से रोकते हुए पुलिस के लोग


    मध्य प्रदेश, पंजाब तथा प. बंगाल समेत देश के 8 राज्यों व सेना के द्वारा इस कंपनी को भ्रष्टाचार एवं निम्न गुणवत्ता के कारण ब्लैक लिस्टेड किया गया है।
    उत्तर प्रदेश राज्य में योजना के कार्यकारी निदेशक, यूनिट कोऑर्डिनेटर, परियोजना प्रबंधक तथा पूर्व मुख्य अभियंता ने अपनी रिपोर्ट्स में कहा है कि इस कंपनी द्वारा बनाए गए पाइप मानकों के अनुरूप नहीं है।
    इन सब तथ्यों के बावजूद भी राज्य जल शक्ति मंत्री द्वारा नियमों को ताक पर रखकर ‘रश्मि मटेलिक्स’ कंपनी को पाइप सप्लाई का कार्य दे दिया गया।
    इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के क्रियान्वयन में भारी आर्थिक अनियमिततायें सामने आयी है, जो कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा लगभग ₹1580 एवं ₹1501 में संपन्न हो जाता है, वही कार्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग ₹2065 एवं ₹2100 में करवाया जा रहा है। इस तरह भ्रष्टाचार के कारण राज्य में मिशन के हर कार्य के लागत सामान्य से 30% से 40% तक बढ़ गई है। वहीं थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के लिए भी यूपी सरकार ने 1.33% धन खर्च किया है, जबकि केरल ने 0.04% और चेन्नई ने 0.15% में ही इसे संपन्न कर लिया। इस तरह से उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत भारी आर्थिक अनियमितता एवं भयानक भ्रष्टाचार सामने आया है।

    प्रवीण यादव ‘जिला प्रभारी’ मीडिया से बातचीत करते हुए


    जिलाध्यक्ष ने इस अतिगंभीर मामले को सीबीआई से जांच कराने एवं दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की।
    इस अवसर पर महासचिव सुशील चौधरी, डॉक्टर संतोष सिंह, संगठन संयोजक ए.के. सहाय, उपाध्यक्ष कमलेश द्विवेदी, खुर्शीद खान, छबीला साहनी, अधिवक्ता प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अक्षय कुमार गौतम, उपाध्यक्ष अवनीश कुमार गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष अंकित कुमार राव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह, त्रिभुवन मौर्य, प्रदेश सचिव छात्र विंग संजय यादव, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव अविनाश सिंह, छात्र विंग अध्यक्ष अरमान खान, उपाध्यक्ष सुनील यादव, महिला जिलाध्यक्ष अमिता मौर्य, उपाध्यक्ष कमली राजभर, मधुबन विधानसभा अध्यक्ष मनोज कुमार, सदर विधानसभा अध्यक्ष रवि राजभर आदि साथी मौजूद रहे।

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