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    Homeजनपदजनपद में गंगा खतरे के निशान के दो मीटर उपर

    जनपद में गंगा खतरे के निशान के दो मीटर उपर

    उफनती गंगा ने जनपद के दर्जनों गांवों को आगोश में लिया

    गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से फसलें पानी में डूबी,बाढ़ का पानी गांवों में घुसा

    तारकेश्वर सिंह
    चंदौली।जनपद में गंगा नदी खतरे के निशान से लगभग दो मीटर ऊपर बह रही रही है। बुधवार को गंगा का जलस्तर सुबह 8 बजे तक 72.01 मीटर तक पहुंच गया था।जनपद में गंगा में बढ़ाव की गति 1 सेंटीमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है।चंदौली में गंगा का अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर है। इस हिसाब से गंगा का जलस्तर अभी अपने अधिकतम जलस्तर से लगभग पौने दो मीटर नीचे है। उधर उफनाई गंगा का रौद्र रुप जनपद चंदौली के नियामताबाद, चहनियां व धानापुर ब्लाक के दर्जनों गांवों को पूरी तरह से अपने आगोश में लेने पर अमादा दिखाई पड़ रही है। गंगा नदी के जलस्तर लगातार बढोत्तरी हो रही है। ऐसा मालूम पड़ता है कि गंगा अपने आगोश मे सब कुछ समाहित कर लेने पर उतारु है।गंगा के तटवर्ती गांवो के निवासी अपने बाल बच्चों व पशुओं के साथ घर बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं।उधर पहाड़ी इलाकों में बादल फटने व हो रही लगातार बारिश के चलते गंगा के जलस्तर अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हो रही है।गंगा के तटवर्ती गांवो भुपौली,डेरवा,महड़ौरा,कांवर, पकड़ी,महुअरीया,विशापुर,महुआरी, सराय,बलुआ,डेरवा,महुअर जुड़ा हरधन,गंगापुर,पुराविजयी,पुरागनेश,सोनवरसा, टांडा कला,महमदपुर, सरौली, जमालपुर, बड़गांवा, शेरपुर, सरैया,हसनपुर,तिरगांवा,भूसौला,मकुंन्दपुर,नादी,निधौरा, सहेपुर, सहित दर्जनों गांवों गंगा के बाढ़ का पानी खेतों में फसलों को डूबोती हुये घरों में घुसने लगी हैं। वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण इस वर्ग भी इन क्षेत्रों की काफी जमीन गंगा कटान के चलते गंगा नदी में समाहित हो चुकी है। बाढ़पिड़ीत गांवो लोग अपने परिवार व पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर है। यही नहीं बाढ़ के पानी में जहां धान,बाजरा,तिल तेलहन,अरहर,मक्का व ज्वार की फसलें गंगा में आई बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी है।

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