वाराणसी/लंका-टिकरी स्थित राममूर्ति आईटीआई कालेज में आयोजित उत्तर प्रदेश के गंगा के तटीय क्षेत्रों में खास एवं आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण औषधीय एवं सगंध पौधों के पौध सामग्री, उत्पादन एवं प्रसंस्करण विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान सगंध पौधों के तेल निकालने विधि, भंडारण एवं प्रसंस्कारण पर सीमैप के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ सुदीप टंडन ने व्याख्यान दिया। इसके बाद वैज्ञानिक ने किसानो ई- बाजार एवं मांग व पूर्ति विषय पर परिचर्चा की। आज सभी किसानो तथा प्रतिभागियों को सगंध फसलो के आसवन का सजीव प्रदर्शन डॉ कामिनी सिंह तथा प्रवीण ने कराया। समापन समरोह में कलिका सिंह क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी किसानो को सम्बोधित किया।समापन समारोह में किसानो तथा प्रतिभागियों को कलिका सृजन सामाजिक विकास न्यास के चेयरमैन अनिल कुमार सिंह, डॉ संजय कुमार, डॉ राजेश वर्मा, डॉ कामिनी सिंह ने प्रमाण पत्र वितरित किया।अमित सिंह निदेशक एस0पी0ओ0, शोधार्थियों ज्ञान दीप शर्मा,अजय कुमार सोनकर,शैलेंद्र डागी और प्रवीण कश्यप द्वारा भी किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कामिनी सिंह ने दिया।कार्यक्रम के अंत में नीबू घास ,खश , तुलसी , सहजन ,पर ट्रेनिगं देकर प्रमाण पत्र दिया गया ।अन्त मे सृजन सामाजिक बिकास न्यास के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह द्वारा पौध रोपण भी कराया गया जिसमे मौल श्री, आवला ,महोगनी, अमरूद, अर्जुन के पौधे लगाये गये।जिसके दौरान सेना गंगा टास्क फोर्स ने पूरा सहयोग किया।