आज ही के दिन भाजपा सरकार ने नोटबन्दी कर किया था विश्वासघात : अंशू अवस्थी

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  • करोड़ो का रोजगार और लाखों लोगों की जान गई और प्रधानमंत्री बदलते रहे अपनी बात

लखनऊ। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी नेे बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए सवाल किया कि आज ही के दिन भाजपा सरकार ने नोट बंदी लागू कर देश के साथ विश्वासघात किया था, आज 5 साल बीत जाने के बाद भी भाजपा सरकार बता नहीं पाई कि नोटबंदी से देश को क्या फायदा हुआ ?

7 नवंबर 2017 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने संसद के अंदर कहा था कि यह संगठित लूट है देश की अर्थव्यवस्था 2% ने गिर जाएगी और वही हुआ लेकिन भारतीय जनता पार्टी उसे जश्न के रूप में मनाती रही जिसमें करोड़ों लोगों के रोजगार चले गए लाखों लोगों की जान गई, डेढ़ सौ से ज्यादा लोग तो लाइन में लगे हुएअपने प्राण गवां बैठे, इसका जिम्मेदार कौन था ? सिर्फ और सिर्फ भाजपा सरकार प्रधानमंत्री !
प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार नोट बंदी के गोल बदलते रहे, पहले काला धन वापसी के दावे किए गए, जाली नोट के दावे किए गए और उसके बाद में कैशलेस इकोनॉमी के दावे किए जाने लगे, उसके बाद भी टेररिज्म रुकने की बात की जाने लगी,
लेकिन सच्चाई यह है कि ना तो काला धन वापस आया रिजर्व बैंक आफ इंडिया की रिपोर्ट में स्पष्ट है की 500 से 1000 के जो 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपए के नोट चलन में थे उसमें 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपए के नोट वापस आ गए
कैशलैस इकोनामी के दावे भी झूठे साबित हुए आम आदमी के पास जो नवंबर 2016 तक नगदी ₹ 7.8 लाख करोड़ थी वह बढ़कर 18.5 लाख करोड़ हो गई
देश की अर्थव्यवस्था जो 2015-16 में 8.01% थी वह 2% नीचे गिरकर 6% पर आ गई देश की अर्थव्यवस्था को 1:5 प्रतिशत अर्थात 2.5 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। आतंकवाद को लेकर जो बात कही थी उसको सरकार के मंत्री हंसराज अहिर ने माना कि 2017 में आतंकी हमले बढ़ गए

एक कहावत है खाया पिया कुछ नहीं गिलास थोड़ा बारह आना
भाजपा सरकार के तानाशाही निर्णय से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नए नोट छापने में ₹7965 खर्च किए देशभर के ATM कैलिब्रेट करने में करोड़ों का खर्च हुआ और लाखों लोगों की जान चली गई करोड़ों के रोजगार चले गए।
देश के लोगों से जो विश्वासघात किया गया भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री ने स्वयं उसका दंश भुलाया नही जा सकता भाजपा सरकार पश्चाताप कर देश से माफी मांगे।

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